कन्या राशि (Kanya)

कन्या का स्वामी बुध है — द्विस्वभाव पृथ्वी-तत्व: विश्लेषक, सूक्ष्मदर्शी और सेवा-भावी। जातक व्यावहारिक, परिश्रमी और बारीकी के पारखी होते हैं — सुधार की पैनी नज़र और उपयोगी होने की गहरी चाह; विनम्र, विधिवत, पर पूर्णतावादी चिंता संभव।

व्यक्तित्व और स्वभाव

कन्या का स्वामी बुध है — द्विस्वभाव पृथ्वी-तत्व: विश्लेषक, सूक्ष्मदर्शी और सेवा-भावी। जातक व्यावहारिक, परिश्रमी और बारीकी के पारखी होते हैं — सुधार की पैनी नज़र और उपयोगी होने की गहरी चाह; विनम्र, विधिवत, पर पूर्णतावादी चिंता संभव।

करियर और व्यवसाय

स्वास्थ्य व विश्लेषण, लेखा-संपादन, शोध, प्रशासन, पोषण व गुणवत्ता-नियंत्रण — विवरण और सेवा के क्षेत्र।

प्रेम और अनुकूलता

प्रेम संकोची पर सच्चा — व्यावहारिक देखभाल और सेवा से जताते हैं; निष्ठा-विश्वसनीयता को महत्व। पृथ्वी व जल राशियों — वृषभ, मकर, कर्क, वृश्चिक — से श्रेष्ठ मेल।

शक्तियाँ

विश्लेषक, व्यावहारिक बुद्धि; परिश्रम और विश्वसनीयता; सेवा-परायणता।

चुनौतियाँ

अति-आलोचना और चिंता; पूर्णतावाद; अति-चिंतन।

कन्या राशि का स्वामी ग्रह कौन है?

कन्या राशि का स्वामी बुध है। इसका प्रतीक Maiden है।

कन्या राशि के लिए कौन-सी राशियाँ अनुकूल हैं?

कन्या का सामान्यतः सर्वोत्तम मेल वृषभ, मकर, कर्क, वृश्चिक से रहता है।

कन्या राशि का शुभ रंग, अंक और रत्न क्या है?

शुभ रंग: Green; शुभ अंक: 5; शुभ दिन: Wednesday; रत्न: Emerald (Panna) (स्वामी बुध से)।

वैदिक राशि चंद्र से देखें या सूर्य से?

वैदिक ज्योतिष में राशि चंद्रमा से देखी जाती है — जन्म के समय चंद्र जिस राशि में हो, वही जन्म राशि है। यह पाश्चात्य सूर्य-राशि से भिन्न है और निरयन (sidereal) गणना से निकलती है।