वृषभ का स्वामी शुक्र है — स्थिर पृथ्वी-तत्व: धीर, रस-प्रिय और ज़मीन से जुड़ा। जातक धैर्यवान, भरोसेमंद और सुख-सुविधा प्रिय होते हैं; सौंदर्य, भोजन, संगीत और आर्थिक सुरक्षा के गहरे कद्रदान। निष्ठावान और दृढ़ — बदलाव से बचते हैं, स्थायित्व सर्वोपरि।
वृषभ का स्वामी शुक्र है — स्थिर पृथ्वी-तत्व: धीर, रस-प्रिय और ज़मीन से जुड़ा। जातक धैर्यवान, भरोसेमंद और सुख-सुविधा प्रिय होते हैं; सौंदर्य, भोजन, संगीत और आर्थिक सुरक्षा के गहरे कद्रदान। निष्ठावान और दृढ़ — बदलाव से बचते हैं, स्थायित्व सर्वोपरि।
बैंकिंग-वित्त, कृषि व खाद्य, फैशन, विलासिता व रियल एस्टेट, संगीत-कला — धैर्य, सुरुचि और सतत परिश्रम के क्षेत्र।
रोमांटिक, रस-प्रिय और समर्पित — गहरा, टिकाऊ प्रेम; निष्ठा और सुख-सुविधा को महत्व। पृथ्वी व जल राशियों — कन्या, मकर, कर्क, मीन — से श्रेष्ठ तालमेल।
विश्वसनीयता और धैर्य; निष्ठा और समर्पण; व्यावहारिकता और दृढ़ता।
हठ; अधिकार-भाव; बदलाव से परहेज़।
वृषभ राशि का स्वामी शुक्र है। इसका प्रतीक Bull है।
वृषभ का सामान्यतः सर्वोत्तम मेल कन्या, मकर, कर्क, मीन से रहता है।
शुभ रंग: White / pink; शुभ अंक: 6; शुभ दिन: Friday; रत्न: Diamond (Heera) (स्वामी शुक्र से)।
वैदिक ज्योतिष में राशि चंद्रमा से देखी जाती है — जन्म के समय चंद्र जिस राशि में हो, वही जन्म राशि है। यह पाश्चात्य सूर्य-राशि से भिन्न है और निरयन (sidereal) गणना से निकलती है।