वृश्चिक राशि (Vrishchika)

वृश्चिक का स्वामी मंगल है — स्थिर जल-तत्व: तीव्र, गहरा और रूपांतरकारी। जातक प्रखर संकल्प, भेदक अंतर्दृष्टि और अथाह भावनात्मक गहराई वाले होते हैं — निष्ठावान, चुंबकीय, रहस्य-प्रिय; कुछ भी आधा-अधूरा नहीं करते।

व्यक्तित्व और स्वभाव

वृश्चिक का स्वामी मंगल है — स्थिर जल-तत्व: तीव्र, गहरा और रूपांतरकारी। जातक प्रखर संकल्प, भेदक अंतर्दृष्टि और अथाह भावनात्मक गहराई वाले होते हैं — निष्ठावान, चुंबकीय, रहस्य-प्रिय; कुछ भी आधा-अधूरा नहीं करते।

करियर और व्यवसाय

शोध व अन्वेषण, मनोविज्ञान, शल्य-चिकित्सा, गूढ़-विद्या, वित्त, गुप्तचर-संकट सेवाएँ — गहराई और रूपांतरण के क्षेत्र।

प्रेम और अनुकूलता

प्रेम में उत्कट और निष्ठावान — गहरा, कुछ अधिकार-भाव लिए; संपूर्ण भावनात्मक सच्चाई चाहिए। जल व पृथ्वी राशियों — कर्क, मीन, कन्या, मकर — से प्रगाढ़ बंधन।

शक्तियाँ

उत्कटता और संकल्प; निष्ठा और गहराई; अंतर्दृष्टि और साधन-कुशलता।

चुनौतियाँ

ईर्ष्या और अधिकार-भाव; रहस्य-प्रवृत्ति; मन में गाँठ रखना।

वृश्चिक राशि का स्वामी ग्रह कौन है?

वृश्चिक राशि का स्वामी मंगल है। इसका प्रतीक Scorpion है।

वृश्चिक राशि के लिए कौन-सी राशियाँ अनुकूल हैं?

वृश्चिक का सामान्यतः सर्वोत्तम मेल कर्क, मीन, कन्या, मकर से रहता है।

वृश्चिक राशि का शुभ रंग, अंक और रत्न क्या है?

शुभ रंग: Red; शुभ अंक: 9; शुभ दिन: Tuesday; रत्न: Red Coral (Moonga) (स्वामी मंगल से)।

वैदिक राशि चंद्र से देखें या सूर्य से?

वैदिक ज्योतिष में राशि चंद्रमा से देखी जाती है — जन्म के समय चंद्र जिस राशि में हो, वही जन्म राशि है। यह पाश्चात्य सूर्य-राशि से भिन्न है और निरयन (sidereal) गणना से निकलती है।