धनु राशि (Dhanu)

धनु का स्वामी गुरु है — द्विस्वभाव अग्नि-तत्व: आशावादी, दार्शनिक और मुक्त-विचरणी। जातक साहसी, सत्यवादी और ज्ञान-पिपासु होते हैं — यात्रा, अध्ययन और बड़े फलक के आकर्षण; उदार व प्रसन्नचित्त, पर मुँहफट और बेचैन भी हो सकते हैं।

व्यक्तित्व और स्वभाव

धनु का स्वामी गुरु है — द्विस्वभाव अग्नि-तत्व: आशावादी, दार्शनिक और मुक्त-विचरणी। जातक साहसी, सत्यवादी और ज्ञान-पिपासु होते हैं — यात्रा, अध्ययन और बड़े फलक के आकर्षण; उदार व प्रसन्नचित्त, पर मुँहफट और बेचैन भी हो सकते हैं।

करियर और व्यवसाय

शिक्षण व अकादमिक क्षेत्र, विधि, यात्रा-पर्यटन, प्रकाशन, धर्म-दर्शन, खेल व परामर्श — ज्ञान, स्वतंत्रता और अन्वेषण के क्षेत्र।

प्रेम और अनुकूलता

प्रेम में साहसी और खरे — स्वतंत्रता, हास्य और अर्थ की साझी खोज चाहिए। अग्नि व वायु राशियों — मेष, सिंह, तुला, कुंभ — संग खिलते हैं।

शक्तियाँ

आशावाद और सत्यनिष्ठा; ज्ञान व रोमांच का प्रेम; उदारता।

चुनौतियाँ

मुँहफट स्पष्टता; बेचैनी; बड़े-बड़े वादे।

धनु राशि का स्वामी ग्रह कौन है?

धनु राशि का स्वामी गुरु है। इसका प्रतीक Archer है।

धनु राशि के लिए कौन-सी राशियाँ अनुकूल हैं?

धनु का सामान्यतः सर्वोत्तम मेल मेष, सिंह, तुला, कुंभ से रहता है।

धनु राशि का शुभ रंग, अंक और रत्न क्या है?

शुभ रंग: Yellow; शुभ अंक: 3; शुभ दिन: Thursday; रत्न: Yellow Sapphire (Pukhraj) (स्वामी गुरु से)।

वैदिक राशि चंद्र से देखें या सूर्य से?

वैदिक ज्योतिष में राशि चंद्रमा से देखी जाती है — जन्म के समय चंद्र जिस राशि में हो, वही जन्म राशि है। यह पाश्चात्य सूर्य-राशि से भिन्न है और निरयन (sidereal) गणना से निकलती है।