मीन अंतिम राशि है — स्वामी गुरु, द्विस्वभाव जल-तत्व: करुणामय, कल्पनाशील और आध्यात्मिक। जातक कोमल, अंतर्ज्ञानी और निःस्वार्थ होते हैं — समृद्ध अंतर्जगत और गहरी समानुभूति; स्वप्निल-कलात्मक, औरों की भावनाएँ तक महसूस करने वाले, रहस्य की ओर सहज खिंचाव।
मीन अंतिम राशि है — स्वामी गुरु, द्विस्वभाव जल-तत्व: करुणामय, कल्पनाशील और आध्यात्मिक। जातक कोमल, अंतर्ज्ञानी और निःस्वार्थ होते हैं — समृद्ध अंतर्जगत और गहरी समानुभूति; स्वप्निल-कलात्मक, औरों की भावनाएँ तक महसूस करने वाले, रहस्य की ओर सहज खिंचाव।
कला-संगीत-सिनेमा, उपचार व सेवा, अध्यात्म-परामर्श, दान-कार्य, समुद्री व रसायन क्षेत्र — कल्पना, करुणा और अंतर्ज्ञान के व्यवसाय।
कोमल, रोमांटिक और निःस्वार्थ — आत्मिक, भावनात्मक जुड़ाव चाहिए; बिना शर्त प्रेम करते हैं। जल व पृथ्वी राशियों — कर्क, वृश्चिक, वृषभ, मकर — से गहरा सामंजस्य।
करुणा और समानुभूति; कल्पना और सृजनशीलता; आध्यात्मिक गहराई।
अति-संवेदनशीलता और पलायन; अनिर्णय; अत्यधिक आत्म-त्याग।
मीन राशि का स्वामी गुरु है। इसका प्रतीक Fish है।
मीन का सामान्यतः सर्वोत्तम मेल कर्क, वृश्चिक, वृषभ, मकर से रहता है।
शुभ रंग: Yellow; शुभ अंक: 3; शुभ दिन: Thursday; रत्न: Yellow Sapphire (Pukhraj) (स्वामी गुरु से)।
वैदिक ज्योतिष में राशि चंद्रमा से देखी जाती है — जन्म के समय चंद्र जिस राशि में हो, वही जन्म राशि है। यह पाश्चात्य सूर्य-राशि से भिन्न है और निरयन (sidereal) गणना से निकलती है।