वैदिक ज्योतिष में बुध (Budha)

बुध राजकुमार हैं — बुद्धि और वाणी। ये संवाद, तर्क-विश्लेषण, विद्या, वाणिज्य-व्यापार, लेखन, हास्य-विनोद, त्वचा व नाड़ी-तंत्र के कारक हैं। सबसे अनुकूलनशील ग्रह — जिस संगति में बैठें, उसी का रंग लेते हैं।

कारकत्व (फल)

बुध राजकुमार हैं — बुद्धि और वाणी। ये संवाद, तर्क-विश्लेषण, विद्या, वाणिज्य-व्यापार, लेखन, हास्य-विनोद, त्वचा व नाड़ी-तंत्र के कारक हैं। सबसे अनुकूलनशील ग्रह — जिस संगति में बैठें, उसी का रंग लेते हैं।

जब बलवान हो

बलवान बुध (कन्या में उच्च, स्वराशि मिथुन/कन्या) तीक्ष्ण बुद्धि, वाक्-पटुता, व्यापार-कौशल, हाज़िरजवाबी, गणित-विश्लेषण क्षमता और युवा, बहुमुखी मन देता है।

जब कमज़ोर या पीड़ित हो

निर्बल बुध (मीन में नीच, अस्त, पीड़ित) उलझा चिंतन, वाणी या अधिगम की कठिनाई, नस/त्वचा विकार और पढ़ाई-व्यापार में बाधा दे सकता है।

करियर और क्षेत्र

लेखन-पत्रकारिता, वाणिज्य-लेखा, IT व विश्लेषण, शिक्षण-भाषाएँ, व्यापार-विपणन, ज्योतिष — बुद्धि और संवाद का हर क्षेत्र।

उपाय

बुधवार प्रातः बुध बीज मंत्र जपें, हरी मूँग व पुस्तकों का दान करें, विद्या-दान में सहयोग दें, हरा धारण करें और स्पष्ट, सत्य, नपी-तुली वाणी का अभ्यास करें।

वैदिक ज्योतिष में बुध ग्रह किसका कारक है?

बुध राजकुमार हैं — बुद्धि और वाणी। ये संवाद, तर्क-विश्लेषण, विद्या, वाणिज्य-व्यापार, लेखन, हास्य-विनोद, त्वचा व नाड़ी-तंत्र के कारक हैं। सबसे अनुकूलनशील ग्रह — जिस संगति में बैठें, उसी का रंग लेते हैं।

बुध किन राशियों का स्वामी है और कहाँ उच्च-नीच होता है?

बुध मिथुन, कन्या का स्वामी है। यह कन्या 15° में उच्च और मीन 15° में नीच होता है; मूलत्रिकोण कन्या 16°–20° है।

बुध की महादशा कितने वर्ष की होती है?

विंशोत्तरी दशा के 120 वर्षों में बुध की महादशा 17 वर्ष की होती है।

बुध का रत्न और उपाय क्या है?

बुध का रत्न Emerald (Panna) है। बुधवार प्रातः बुध बीज मंत्र जपें, हरी मूँग व पुस्तकों का दान करें, विद्या-दान में सहयोग दें, हरा धारण करें और स्पष्ट, सत्य, नपी-तुली वाणी का अभ्यास करें।