सूरत में आज का पंचांग

सूरत के लिए पूरा दैनिक पंचांग: आज की तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार, साथ ही सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल और चौघड़िया स्थानीय समय में।

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सूरत के आज के पंचांग में क्या है

पंचांग के पाँच अंग — तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — घड़ी से नहीं, बल्कि चंद्रमा और सूर्य की गति से निर्धारित क्षणों पर बदलते हैं। इसलिए कोई तिथि सूरत में दोपहर बाद आरंभ हो सकती है और अन्यत्र गणना किया गया पंचांग उसे किसी और दिन दिखा सकता है। यह पृष्ठ पाँचों अंगों को सूरत के स्थानीय सूर्योदय के सापेक्ष निकालता है — वही सन्दर्भ जिससे वैदिक परंपरा दिन का नाम तय करती है।

सूरत की घड़ी बनाम सूर्य

पूरे भारत में एक ही घड़ी (IST) चलती है, जो 82.5°E देशांतर पर नियत है, जबकि देश लगभग 28° देशांतर में फैला है। सूरत 72.83°E पर स्थित है, इसलिए यहाँ सूर्य अपने उच्चतम बिंदु पर घड़ी के हिसाब से लगभग 39 मिनट बाद पहुँचता है। इससे सूरत में सौर मध्याह्न नई दिल्ली की तुलना में लगभग 18 मिनट बाद पड़ता है; सूर्योदय भी इसी के साथ खिसकता है, यद्यपि अक्षांश के कारण ऋतु के अनुसार वह कुछ और आगे-पीछे होता है। राहु काल, चौघड़िया और सभी मुहूर्त स्थानीय सूर्योदय और सूर्यास्त से बनते हैं — इसलिए दिल्ली के पंचांग से नकली गई तालिका सूरत के लिए लगभग इतने ही मिनट गलत होगी।

वर्ष भर अवधि क्यों बदलती है

सूरत 21.17°N अक्षांश पर है। यहाँ सबसे लंबे दिन में लगभग 13 घंटे 17 मिनट और सबसे छोटे दिन में लगभग 10 घंटे 43 मिनट का उजाला रहता है — वर्ष भर में लगभग 2 घंटे 35 मिनट का अंतर। चूँकि दिन के आठ चौघड़िया काल सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटकर बनते हैं, इसलिए सूरत में गर्मियों का प्रत्येक चौघड़िया सर्दियों की तुलना में स्पष्ट रूप से लंबा होता है। यही बात राहु काल पर भी लागू होती है, जो दिन का आठवाँ भाग है।

गणना पद्धति

गणना 21.17°N, 72.83°E (Asia/Kolkata) के लिए स्विस एफ़ेमेरिस से की जाती है — पहले उस दिन का सटीक सूर्योदय और सूर्यास्त, फिर उसी से राहु काल, चौघड़िया और पंचांग के अंग। कोई निकटतम बड़े शहर का अनुमान नहीं।

क्या सूरत के लिए दिल्ली का पंचांग इस्तेमाल किया जा सकता है?

सटीकता चाहिए तो नहीं। सूरत का सौर दिन नई दिल्ली से लगभग 18 मिनट बाद चलता है, और राहु काल व चौघड़िया की सभी सीमाएँ उसी के साथ खिसक जाती हैं। छोटे कार्यों के लिए अंतर मामूली है, पर मुहूर्त के लिए यह पर्याप्त बड़ा है।

सूरत में राहु काल का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

क्योंकि यह घड़ी का निश्चित समय नहीं, बल्कि सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन का आठवाँ भाग है। सूरत में दिन की लंबाई वर्ष भर लगभग 2 घंटे 35 मिनट तक बदलती है, इसलिए राहु काल का प्रारंभ और अवधि दोनों उसी के साथ बदलते हैं।

क्या ये समय मेरी कुंडली पर निर्भर करते हैं?

नहीं। राहु काल, चौघड़िया और पंचांग स्थान और तिथि पर आधारित हैं — सूरत में उस दिन सबके लिए एक ही। आपकी जन्म कुंडली से जुड़ा व्यक्तिगत मुहूर्त अलग विषय है, और उसके लिए आपका जन्म विवरण चाहिए।