उत्तरा भाद्रपदा नक्षत्र (Uttara Bhadrapada)

उत्तरा भाद्रपदा 'गहराइयों का योद्धा' है — स्वामी शनि, देवता अहिर्बुध्न्य (अगाध जल का सर्प)। यह गंभीर ज्ञान, शांति और आंतरिक स्थिरता का नक्षत्र है: जातक धैर्यवान, करुणामय, अनुशासित और विवेकी होते हैं — इनकी शांत गहराई अराजकता में भी ठहराव ले आती है; हृदय उदार और गूढ़ ज्ञान से भरा।

व्यक्तित्व और स्वभाव

उत्तरा भाद्रपदा 'गहराइयों का योद्धा' है — स्वामी शनि, देवता अहिर्बुध्न्य (अगाध जल का सर्प)। यह गंभीर ज्ञान, शांति और आंतरिक स्थिरता का नक्षत्र है: जातक धैर्यवान, करुणामय, अनुशासित और विवेकी होते हैं — इनकी शांत गहराई अराजकता में भी ठहराव ले आती है; हृदय उदार और गूढ़ ज्ञान से भरा।

करियर और व्यवसाय

परामर्श व मनोविज्ञान, अध्यात्म और शिक्षण, सेवा-दान व मानव-कल्याण, शोध, लेखन — मौन विवेक और सेवा की वृत्तियाँ।

प्रेम, विवाह और अनुकूलता

शांत, दयालु और अटल — स्थिरता और भाव-गहराई देने वाले श्रेष्ठ सहारा-साथी। क्रोध देर से आता है, उदारता सहज है; संबंध शांत, दीर्घ और पोषक बनते हैं।

शक्तियाँ

गंभीर ज्ञान और शांति; करुणा और उदारता; अनुशासन और आंतरिक बल।

चुनौतियाँ

विरक्त निष्क्रियता; दबे हुए भाव; अति-गंभीरता।

उपाय

अहिर्बुध्न्य/शिव की उपासना और शनि की शांति; भीतर की स्थिरता को करुणा-कर्म में बहने दें।

उत्तरा भाद्रपदा नक्षत्र का स्वामी ग्रह कौन है?

विंशोत्तरी दशा प्रणाली में उत्तरा भाद्रपदा नक्षत्र का स्वामी शनि है।

उत्तरा भाद्रपदा नक्षत्र किस राशि में आता है?

उत्तरा भाद्रपदा नक्षत्र मीन 3°20′–16°40′ में विस्तृत है। इसका गण मनुष्य, नाड़ी वात और योनि गौ है।

उत्तरा भाद्रपदा नक्षत्र के नाम अक्षर (पाद अक्षर) कौन-से हैं?

उत्तरा भाद्रपदा के चार पादों के नामाक्षर हैं: Du, Tha, Jha, Tra।

उत्तरा भाद्रपदा नक्षत्र के उपाय क्या हैं?

अहिर्बुध्न्य/शिव की उपासना और शनि की शांति; भीतर की स्थिरता को करुणा-कर्म में बहने दें।