श्रवण नक्षत्र (Shravana)

श्रवण 'सुनने वाला' है — स्वामी चंद्र, देवता विष्णु (जिनके तीन पग ब्रह्मांड नापते हैं)। प्रतीक कान: श्रवण से विद्या। जातक चौकस, विवेकी और परंपरा-प्रिय होते हैं — सुनकर सीखते हैं, सब स्मरण रखते हैं, और ज्ञान व परामर्श के विश्वस्त संरक्षक बनते हैं।

व्यक्तित्व और स्वभाव

श्रवण 'सुनने वाला' है — स्वामी चंद्र, देवता विष्णु (जिनके तीन पग ब्रह्मांड नापते हैं)। प्रतीक कान: श्रवण से विद्या। जातक चौकस, विवेकी और परंपरा-प्रिय होते हैं — सुनकर सीखते हैं, सब स्मरण रखते हैं, और ज्ञान व परामर्श के विश्वस्त संरक्षक बनते हैं।

करियर और व्यवसाय

शिक्षण व शास्त्र-अध्ययन, भाषाएँ व संचार, मीडिया-प्रसारण, परामर्श, विधि, संगीत — श्रवण और अधिगम पर टिके क्षेत्र।

प्रेम, विवाह और अनुकूलता

समर्पित और श्रवणशील — प्रेम में मर्यादा, प्रतिष्ठा और सामंजस्य को महत्व देते हैं। निष्ठावान व स्नेही हैं, पर लोक-चर्चा से आहत हो सकते हैं; खुला संवाद रिश्ते का रक्षक है।

शक्तियाँ

गहन श्रवण और अधिगम; विवेक और श्रेष्ठ परामर्श; व्यापक सामाजिक संपर्क।

चुनौतियाँ

लोक-निंदा के प्रति अति-संवेदनशीलता; चिंता और अति-चिंतन; प्रतिष्ठा-मोह।

उपाय

विष्णु-उपासना (विष्णु सहस्रनाम) और चंद्र को बल; पवित्र श्रवण (सत्संग) बढ़ाएँ, चर्चा-निंदा घटाएँ।

श्रवण नक्षत्र का स्वामी ग्रह कौन है?

विंशोत्तरी दशा प्रणाली में श्रवण नक्षत्र का स्वामी चंद्र है।

श्रवण नक्षत्र किस राशि में आता है?

श्रवण नक्षत्र मकर 10°–23°20′ में विस्तृत है। इसका गण देव, नाड़ी कफ और योनि वानर है।

श्रवण नक्षत्र के नाम अक्षर (पाद अक्षर) कौन-से हैं?

श्रवण के चार पादों के नामाक्षर हैं: Ju, Je, Jo, Gha।

श्रवण नक्षत्र के उपाय क्या हैं?

विष्णु-उपासना (विष्णु सहस्रनाम) और चंद्र को बल; पवित्र श्रवण (सत्संग) बढ़ाएँ, चर्चा-निंदा घटाएँ।