हस्त नक्षत्र (Hasta)

हस्त 'हाथ' है — कौशल और शिल्प का नक्षत्र: स्वामी चंद्र, देवता सवितृ (जीवनदायी सूर्य)। जो हाथ में ले, उसे गढ़ देता है: जातक चतुर, दक्ष, हाज़िरजवाब और साधन-कुशल होते हैं — हाथ और बुद्धि दोनों के धनी, हल्की चतुराई और विनोद के साथ संकल्प साकार करने वाले।

व्यक्तित्व और स्वभाव

हस्त 'हाथ' है — कौशल और शिल्प का नक्षत्र: स्वामी चंद्र, देवता सवितृ (जीवनदायी सूर्य)। जो हाथ में ले, उसे गढ़ देता है: जातक चतुर, दक्ष, हाज़िरजवाब और साधन-कुशल होते हैं — हाथ और बुद्धि दोनों के धनी, हल्की चतुराई और विनोद के साथ संकल्प साकार करने वाले।

करियर और व्यवसाय

हस्तशिल्प, उपचार व मालिश-चिकित्सा, कला, लेखन, वाणिज्य-व्यापार, ज्योतिष — जहाँ निपुण हाथ और चतुर बुद्धि का पुरस्कार है।

प्रेम, विवाह और अनुकूलता

विनोदी और चौकस — हास्य और व्यावहारिक देखभाल से प्रेम जताते हैं। समर्पित हैं, पर चिंता या नियंत्रण-वृत्ति आ सकती है; हल्का-फुल्का संवादी साथी श्रेष्ठ निखार लाता है।

शक्तियाँ

हाथ का हुनर और व्यावहारिक कौशल; चतुराई, विनोद और साधन-कुशलता; संकल्प साकार करने की क्षमता।

चुनौतियाँ

चिंता और बेचैनी; चतुराई का चालाकी बन जाना; अति-आलोचना।

उपाय

सवितृ (सूर्योदय पर गायत्री मंत्र) और चंद्र की उपासना; दिनचर्या से नसें शांत, हुनर का सदुपयोग ही साधना।

हस्त नक्षत्र का स्वामी ग्रह कौन है?

विंशोत्तरी दशा प्रणाली में हस्त नक्षत्र का स्वामी चंद्र है।

हस्त नक्षत्र किस राशि में आता है?

हस्त नक्षत्र कन्या 10°–23°20′ में विस्तृत है। इसका गण देव, नाड़ी वात और योनि महिष है।

हस्त नक्षत्र के नाम अक्षर (पाद अक्षर) कौन-से हैं?

हस्त के चार पादों के नामाक्षर हैं: Pu, Sha, Na, Tha।

हस्त नक्षत्र के उपाय क्या हैं?

सवितृ (सूर्योदय पर गायत्री मंत्र) और चंद्र की उपासना; दिनचर्या से नसें शांत, हुनर का सदुपयोग ही साधना।