नाड़ी दोष

नाड़ी दोष विवाह मिलान में तब बनता है जब दोनों साथियों की नाड़ी (वात, पित्त या कफ) एक ही हो — यह नक्षत्र-आधारित प्रकृति-चैनल है। अष्टकूट गुण मिलान में इसका भार सबसे अधिक है: 36 में से 8 अंक।

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यह कैसे बनता है (सटीक स्थिति)

दोनों साथियों के जन्म नक्षत्र एक ही नाड़ी समूह में हों। कुंडली स्काई का मिलान इंजन इसे दोनों चंद्र स्थितियों से स्वतः जाँचता है, साथ ही शास्त्रीय अपवाद भी — एक ही नाड़ी पर भिन्न राशि या भिन्न नक्षत्र-चरण होने से दोष काफ़ी कम हो जाता है।

वास्तविक प्रभाव

शास्त्रों में इसे मिलान में स्वास्थ्य-अनुकूलता और संतान संबंधी चिंताओं से जोड़ा गया है — तर्क यह कि एक जैसी प्रकृति दुर्बलताओं को संतुलित करने के बजाय दोगुना कर देती है। यह प्रेम, निष्ठा या आर्थिक अनुकूलता के विषय में कुछ नहीं कहता।

ईमानदार सच

नाड़ी दोष 8 अंक शून्य कर देता है, इसलिए कागज़ पर मिलान खराब दिख सकता है जबकि शेष सभी कारक उत्तम हों — इसीलिए केवल अंक कभी विवाह का निर्णय न करें। शास्त्र स्पष्ट भंग (नाड़ी भेद) गिनाते हैं, और उपाय-परंपराएँ इसीलिए हैं क्योंकि यह दोष कभी पूर्ण निषेध माना ही नहीं गया। एक कूट नहीं, पूरा मिलान देखिए।

उपाय

शास्त्रीय रूप से: महामृत्युंजय जप, जहाँ पारिवारिक परंपरा माँगे वहाँ नाड़ी दोष निवारण पूजा, और — सबसे व्यावहारिक — किसी निर्णय से पहले पूरे 36 अंक, मंगल विश्लेषण और दोनों कुंडलियों के सप्तम भाव को साथ में तौलना।

मेरी कुंडली में नाड़ी दोष है या नहीं, यह कैसे जानूँ?

कुंडली स्काई पर अपनी मुफ़्त कुंडली बनाइए — इंजन स्विस एफ़ेमेरिस (लाहिरी अयनांश) से आपकी कुंडली की गणना करता है और शास्त्रीय स्थिति स्वतः जाँचता है: दोनों साथियों के जन्म नक्षत्र एक ही नाड़ी समूह में हों। कुंडली स्काई का मिलान इंजन इसे दोनों चंद्र स्थितियों से स्वतः जाँचता है, साथ ही शास्त्रीय अपवाद भी — एक ही नाड़ी पर भिन्न राशि या भिन्न नक्षत्र-चरण होने से दोष काफ़ी कम हो जाता है।

क्या नाड़ी दोष सचमुच उतना गंभीर है जितना कहा जाता है?

नाड़ी दोष 8 अंक शून्य कर देता है, इसलिए कागज़ पर मिलान खराब दिख सकता है जबकि शेष सभी कारक उत्तम हों — इसीलिए केवल अंक कभी विवाह का निर्णय न करें। शास्त्र स्पष्ट भंग (नाड़ी भेद) गिनाते हैं, और उपाय-परंपराएँ इसीलिए हैं क्योंकि यह दोष कभी पूर्ण निषेध माना ही नहीं गया। एक कूट नहीं, पूरा मिलान देखिए।

नाड़ी दोष के उपाय क्या हैं?

शास्त्रीय रूप से: महामृत्युंजय जप, जहाँ पारिवारिक परंपरा माँगे वहाँ नाड़ी दोष निवारण पूजा, और — सबसे व्यावहारिक — किसी निर्णय से पहले पूरे 36 अंक, मंगल विश्लेषण और दोनों कुंडलियों के सप्तम भाव को साथ में तौलना।

नाड़ी दोष किस कारण बनता है?

दोनों साथियों के जन्म नक्षत्र एक ही नाड़ी समूह में हों। कुंडली स्काई का मिलान इंजन इसे दोनों चंद्र स्थितियों से स्वतः जाँचता है, साथ ही शास्त्रीय अपवाद भी — एक ही नाड़ी पर भिन्न राशि या भिन्न नक्षत्र-चरण होने से दोष काफ़ी कम हो जाता है।